लखनऊ में पुलिस लाठीचार्ज और शैक्षिक भ्रष्टाचार पर फूटा गुस्सा
लखनऊ के निजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब पूरे प्रदेश में गूंजने लगा है। इसका असर कासगंज जनपद में भी देखने को मिला, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नदरई गेट से सोरों गेट तक जुलूस निकाला और सोरों गेट पर मंत्री ओपी राजभर का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
गौरतलब है कि हाल ही में बाराबंकी स्थित श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्र लॉ कोर्स की मान्यता को लेकर विरोध जता रहे थे। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय बिना बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की मान्यता के लॉ कोर्स चला रहा है, जिससे उनका भविष्य खतरे में है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
इस घटना के बाद मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया, जिससे एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा और भड़क गया। इसके विरोध में प्रदेशभर में एबीवीपी ने आंदोलन तेज कर दिया है।
कासगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी परिषद के पूर्व प्रदेश सहमंत्री विकास यादव ने कहा कि शैक्षिक भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
वहीं एबीवीपी कार्यकर्ता तेजेन्द्र लोधी ने कहा कि बिना मान्यता के छात्रों को चार साल से परेशान किया जा रहा है और पुलिस के बल पर विश्वविद्यालय प्रशासन का यह रवैया निंदनीय है। उन्होंने साफ कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर अंकित पाठक, शिवांक सक्सेना, वीरेश सागर, वरुण माहेश्वरी, धर्मेंद्र राजपूत, संगठन मंत्री नीरज गोस्वामी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे