बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा मंगलवार को आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने विशाल पोषण रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहुएं शामिल हुईं।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने कुपोषण उन्मूलन से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां, पोस्टर और चार्ट लेकर जागरूकता फैलाई। इनमें स्वच्छता, पौष्टिक आहार, और भोजन में तेल, नमक व चीनी के सीमित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती बुद्धि मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की पाँच मुख्य थीम निर्धारित की गई हैं—
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मोटापा निवारण: चीनी, नमक और तेल का सीमित उपयोग।
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प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (पोषण की पढ़ाई)।
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"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान।
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शिशु एवं छोटे बच्चों के पोषण संबंधी व्यवहार।
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पोषण में पुरुषों की सहभागिता।
उन्होंने कहा कि पूरे माहभर इन थीम पर आधारित विविध गतिविधियाँ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, नगर पंचायत और जनशक्ति विभाग जैसे सहयोगी विभाग भी गांवों और वार्डों में कुपोषण जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे।
पोषण माह के दौरान सभी विभागों की गतिविधियों को प्रतिदिन पोषण अभियान डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग पोषण के प्रति जागरूक होंगे, तो समाज से कुपोषण की समस्या को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पोषण माह 17 सितंबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर 2025 तक चलेगा, जिसमें विभिन्न जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार के महत्व से जोड़ा जाएगा।