जागरण टुडे, कासगंज।
नवरात्रि का पावन पर्व सोमवार से शुरू हो रहा है, जोकि भारतीय सनातन संस्कृति का अनुपम उत्सव है, जो मातृशक्ति की दिव्य महिमा, उनकी बहुआयामी छवि और आदर्शों का प्रतीक है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान और उपासना तक सीमित नहीं, बल्कि नारी के अदम्य साहस, करुणा, ममता और सृजनशीलता के जागरण का उत्सव है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने बताया कि माँ दुर्गा का स्वरूप जीवन के हर आयाम से जुड़ा हुआ है। परिवार में वह ममता और संवेदना का आधार बनकर स्नेह बरसाती हैं, वहीं राष्ट्र की रक्षा में दुर्गा, काली और चामुंडा के रूप में अन्याय व अत्याचार का संहार करती हैं। यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि स्त्री केवल जीवनदाता ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की संरक्षक भी है।
उन्होंने बताया आज के समय में नवरात्रि का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आवश्यकता है कि हम सभी नारी का सम्मान करें और समाज में उसे उसका यथोचित स्थान दें। नारी शक्ति का सशक्तिकरण ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। यदि नारी सशक्त होगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः ही उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होंगे।
इस पावन अवसर पर सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम स्त्री की गरिमा और उसकी शक्ति को सम्मान दें। नवरात्रि का यह उत्सव मातृशक्ति की महिमा को नमन करते हुए हमें प्रेरित करता है कि हम हर क्षेत्र में नारी को समान अवसर और अधिकार प्रदान करें।
इस पावन अवसर पर मैं नगरवासियों सहित समस्त देशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ देती हूँ। माँ दुर्गा सभी को उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शौर्य का आशीर्वाद प्रदान करें तथा समाज में नारी गरिमा और शक्ति का प्रकाश निरंतर फैलता रहे।
---