लेखक: Jagran Today | Category:
उत्तर प्रदेश
| Published: September 30, 2025
जागरण टुडे, बरेली
हर साल 01 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (International Day of Older Persons) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य वृद्धजनों के अधिकार, सम्मान और समाज में उनके योगदान को मान्यता देना है।
"वृद्धजन सिर्फ समाज के लाभार्थी नहीं, बल्कि वे स्थानीय और वैश्विक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। वे अपनी आकांक्षाएँ व्यक्त कर सकते हैं, अपनी भलाई सुनिश्चित कर सकते हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकते हैं।" संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1990 में इस दिवस की घोषणा की थी और इसे पहली बार 1 अक्टूबर 1991 को मनाया गया।
समाज की धरोहर और मार्गदर्शक होते हैं वृद्धज
वृद्धजन अपने जीवन के अनुभव और ज्ञान से युवा पीढ़ी को दिशा दिखाते हैं। वे परिवार और समाज में भावनात्मक सहारा और स्थिरता प्रदान करते हैं। परंपराओं और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अहम होती है। उनके अनुभव समाज को स्थिर और समृद्ध बनाने में मददगार होते हैं।
बुजुर्ग केवल देखभाल के पात्र नहीं, बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी उपयोगिता और सक्रिय भागीदारी को पहचानना और सम्मानित करना हर समाज की जिम्मेदारी है। -संजीव मेहरोत्रा, महामंत्री, बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन