फहीम सकलैनी (विशेष अपील)हमारा शहर सदैव अमन-चैन और भाईचारे का पिल्लर रहा है — यहां विभिन्न धर्मों की महक, परंपराओं की खुशबू और मिलजुल कर रहने की संस्कृति ने इस नगर को अलग पहचान दी है। यह वही बरेली है जहाँ साल में अनेक बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन शांति और प्रेम के साथ संपन्न होते हैं, और देश-विदेश से आए लोग यहाँ के लोगों की भलाई और आतिथ्य की तारीफ किये बिना नहीं रहते।
मगर पिछले दिनों की घटनाओं ने हमें सता दिया है। कुछ तत्व सोशल मीडिया पर ऐसे भड़काऊ पोस्ट साझा कर रहे हैं जो सार्वजनिक भावना को उत्तेजित करने का काम कर रही हैं — और यह किसी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं। ऐसे संवेदनशील मामलों में अपव्याप्त या उकसाने वाली बातें सिर्फ आग में घी डालने का काम करती हैं। इसलिए मैं स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से विनम्र अपील करता हूँ — संयम रखें, टिप्पणियों में विवेक रखें और किसी भी प्रकार के भड़काऊ संदेश को आगे न बढ़ाएँ।
प्रशासन की निष्पक्षता और कर्तव्यों का पालन भी बेहद आवश्यक है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ाई से कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाक्रम दोबारा न हों। यदि किसी आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी गयी है, तो उस फैसले का सम्मान करना हमारा ही हित है — शांति बनाए रखना हम सभी की साझा ज़िम्मेदारी है।
"आई लव मोहम्मद" पोस्ट विवाद से जो घटनाएँ सामने आईं, वे इस अमन-पसंद शहर के स्वरूप के अनुकूल नहीं थीं। बरेली पुलिस ने समय पर सक्रिय भूमिका निभाकर बड़े बवाल को टाला — इसकी सराहना की जानी चाहिए। भविष्य के लिए आवश्यक है कि प्रशासन और नागरिक मिलकर ऐसी रणनीतियाँ बनायें जिनसे शहर का शांतिपूर्ण वातावरण कायम रहे, साजिश कर्ताओं की पहचान हो और कठोर कार्रवाई हो सके।
आइए—एकजुट होकर बरेली की खुशबू को बरकरार रखें। अमन ही हमारी असली पूँजी है।