विकास श्रीवास्तव
बदायूं / कादरचौक
बदायूं / कादरचौक
देशभर में दशहरा के पर्व पर जहां बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव मनाया गया, वहीं बदायूं के कादरचौक स्थित राधाकांत मंदिर मैदान में आयोजित रामलीला और रावण दहन ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। गुरुवार शाम को जैसे ही राम का तीर रावण की नाभि में जाकर लगा, पूरा मैदान "जय श्री राम" के उद्घोष से गूंज उठा।
हजारों की भीड़ इस भव्य आयोजन का साक्षी बनी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने रावण दहन को कैमरे में कैद किया, तो कुछ लोगों ने वीडियो कॉल पर परिजनों को भी यह अद्भुत दृश्य दिखाया।
रामलीला में रावण और राम के युद्ध का दृश्य जब चरम पर पहुंचा और रावण का पात्र “हे राम!” कहते हुए धराशायी हुआ, तो पूरा मैदान तालियों और जयघोषों से भर गया।
इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष उमेश चंद्र गुप्ता, संरक्षक श्री श्री 108 बाबा ऋषिदास, श्याम सुंदर उपाध्याय, महेश चंद्र शाक्य, धारा भैया (दिनेश कुमार), प्रधान कौशल कुमार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिव प्रताप सिंह राजपूत, डॉ. राजकुमार, दीपक सक्सेना, कल्लू कश्यप, सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
दंगल आयोजकों में महेंद्र पाल शाक्य, हेमेंद्र तोमर, सतीश ठाकुर, करन सिंह भदौरिया, धीरपाल शाक्य, जितेंद्र यादव, ज्ञानेंद्र तोमर, चोवसिंह शाक्य, सत्यवीर वर्मा, विजय प्रकाश शाक्य, दीपक पंडित, उरमान यादव, राजेश गुप्ता, प्रेम शाक्य आदि की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी। सीओ देवेंद्र कुमार सिंह, थानाध्यक्ष धनंजय सिंह तथा पूरी पुलिस टीम ने फोर्स के साथ व्यवस्था को संभालते हुए मेला पूरी शांति और अनुशासन के साथ संपन्न कराया।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने प्रतीकात्मक रूप से रावण की अस्थियाँ एकत्र कर घर ले जाने की परंपरा निभाई, जो इस आयोजन को और भी पवित्र और भावनात्मक बना गया।
दशहरा का यह पर्व सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, न्याय और आत्मबल का उत्सव है, जो पीढ़ियों से समाज को प्रेरणा देता आ रहा है।