आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मंगलवार को कहा कि इस्लाम अमन और शांति का पैगाम देता है, जबकि कुछ कट्टरपंथी संगठन इस्लाम धर्म को बदनाम कर रहे हैं। मौलाना ने इजराइल और फिलिस्तीन की जंग के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया।
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मंगलवार को उपजा प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि फिलिस्तीन के शहर गाजा में इजराइल की ओर से की जा रही बम बारी से हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं, पूरा शहर खंडहर बन चुका है, जिसकी तस्वीरों को दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा कि इजराइल को हमास ने यह सब करने का मौका दिया।
जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन उग्रवादी विचारधाराओं की निंदा की जो धर्म का सहारा लेकर नौजवानों को भड़काती हैं। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी संगठन इस्लाम की नहीं बल्कि एक कट्टर और राजनीतिक सोच का समर्थन करता है। यह सोच सूफी परंपरा की मोहब्बत और अमन से कोसों दूर है। फिलिस्तीन के मुद्दे का असली हल शांति, संवाद और राजनीतिक प्रक्रिया के रास्ते से ही संभव है।
उलमा ने कहा कि यासिर अराफ़ात ने फिलिस्तीन की आजादी और सम्मान के लिए संघर्ष करते हुए हमेशा अमन और बातचीत को प्राथमिकता दी थी। भारत और फिलिस्तीन के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं, जब से गाजा में इजराइल से जंग शुरू हुई, तो मानवीय आधार पर सबसे पहले भारत सरकार ने राहत सामग्री गाजा के लिए भेजी।
इस दौरान मौलाना मुजाहिद हुसैन, मुफ्ती फारुख रजवी, मौलाना अनीसुर रहमान, तहसीन रजा खां, शाहिद रजवी, फैसल इस्लाम मौजूद रहे।