विकास श्रीवास्तव
बिसौली तहसील क्षेत्र के आसफपुर ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी गौरव कुमार को एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब वह कारगिल योद्धा और पूर्व फौजी सुरेश कुमार से राशन कोटे की संस्तुति रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत की रकम ले रहा था।
ग्राम पिपरिया निवासी सुरेश कुमार, जो कारगिल युद्ध में शामिल रहे हैं और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने राशन कोटे के लिए आवेदन किया था। इस कोटे के प्रस्ताव पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी गौरव कुमार की थी। लेकिन गौरव कुमार ने रिपोर्ट लगाने के लिए सुरेश से ₹40,000 की रिश्वत की मांग की।
लंबी बातचीत के बाद मामला ₹5,000 में तय हुआ। इससे पहले सुरेश कुमार ने एंटी करप्शन टीम को पूरे मामले की सूचना दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने जाल बिछाया और गुरुवार को गौरव कुमार को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी को बिसौली कोतवाली लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद ब्लॉक व तहसील स्तरीय कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों में दहशत का माहौल है, वहीं आम जनता में राहत की लहर है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
पूर्व फौजी सुरेश कुमार ने कहा कि उन्होंने देश की सेवा की है और अब वह ईमानदारी से व्यापार करना चाहते हैं, लेकिन सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के चलते ईमानदार नागरिकों को भी परेशान होना पड़ता है।
एंटी करप्शन विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगी जाती है, तो तत्काल विभाग को सूचना दी जाए, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।