जागरण टुडे, बरेली। कैंट थाना क्षेत्र में रहने वाले अभिषेक ठाकुर ने फर्जी किराएनामे से बोगस फर्म बनाकर 4.39 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी की। विभाग ने जांच की तो पता चला कि बोगस फर्म से फर्जी क्रिय-विक्रय किया गया। राज्य कर अधिकारी ने बारादरी थाने में आरोपी अभिषेक ठाकुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राज्य कर अधिकारी ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि जौनपुर में पंजीकृत फर्म सर्वश्री विनोद इंटरप्राइजेज जांच में बोगस पाई गई थी। फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए जिस ई-मेल और फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया, उस पर अन्य फर्मों का रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था। इन फर्मों की जांच के आदेश दिए गए थे। इसके अलावा पीलीभीत बाईपास पर नवादा शेखान के पते पर दर्शायी गई फर्म सर्वश्री ठाकुर इंटरप्राइजेज की जांच जीएसटी पोर्टल पर की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि फर्म ने कोई आयात नहीं किया, लेकिन फर्म ने कागजों पर तीन फर्मों को सप्लाई दिखाई गई। जांच में पाया गया कि फर्म का मालिक अभिषेक ठाकुर निवासी लोमा वैशाली विहार बिना इनवर्ड प्राप्त किए फर्जी आपूर्ति घोषित कर टैक्स चोरी कर रहा था। अभिषेक ने फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 2441.95 लाख रुपये की सप्लाई दिखाकर 439.55 लाख रुपये का अवैध आईटीसी पास ऑन किया। बरेली रेंज ए के उपायुक्त टीम के साथ जब फर्म के पते पर जांच करने पहुंचे तो वहां एक मकान मिला।
मकान पर फर्म का कोई बोर्ड नहीं था। मौके पर मिले वेदपाल ने बताया कि यहां ठाकुर इंटरप्राइजेज नाम से कोई फर्म संचालित नहीं होती है। वेदपाल की पत्नी नीलम की तरफ से बनाए गए किरायानामा दिखाया तो बताया गया कि नीलम की मृत्यु 2021 में हो चुकी है, जबकि किरायानामा 2024 में बनाया गया था। आसपास अभिषेक का फोटो दिखाया गया, लेकिन किसी ने उसकी पहचान नहीं की। इससे स्पष्ट हो गया कि फर्म खोलने के लिए जिस किराएनामे का प्रयोग किया गया है वह भी फर्जी है।
इस पर आरोपी अभिषेक ठाकुर के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पुलिस आरोपी अभिषेक की तलाश कर रही है।