सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम, PAC, जल पुलिस, NDRF और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा
सोरों (अंकित पंडित)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को लहरा गंगा घाट आस्था और श्रद्धा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं का घाट पर पहुंचना शुरू हो गया और देखते ही देखते पूरा घाट श्रद्धालुओं की भीड़ से भर गया। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया तथा अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
घाट पर पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पूरे परिवार के साथ स्नान करते नजर आए। "हर-हर गंगे" और "जय गुरुदेव" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन किया, दीपदान किया तथा दान-दक्षिणा देकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का पूजन कर उनका आशीर्वाद भी लिया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। घाट पर बांस और रस्सियों से बैरिकेडिंग कर स्नान की सुरक्षित सीमा निर्धारित की गई थी तथा जगह-जगह लाल ध्वज लगाए गए थे, जिससे श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बचें। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए PAC, जल पुलिस, NDRF की टीमों के साथ प्रशिक्षित गोताखोर पूरे समय मुस्तैद रहे। स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भीड़ के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित नजर आई। साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के बेहतर इंतजामों के चलते श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया।