अपनी मांगों के समर्थन में दिल्ली में आयोजित होने वाली महारैली में शामिल होने के लिए बरेली से शिक्षकों और कर्मचारियों का बड़ा जत्था इंटरसिटी ट्रेन से सोमवार सुबह जोश के साथ रवाना हो गया। राजधानी के रामलीला मैदान में अनुमति न मिलने के बाद अब यह महारैली जंतर-मंतर पर आयोजित होगी। जहां सभी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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बरेली से रवाना हुए जत्थे का नेतृत्व अटेवा के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. मुनीश गंगवार, रेल मेंस यूनियन के रजनीश तिवारी, बरेली ट्रेड यूनियंस फेडरेशन के उप महामंत्री ललित, उपाध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा, जिला मंत्री हरि शंकर, और पुष्पा गंगवार कर रहे हैं। खास बात यह है कि कड़ाके की सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस जत्थें में उत्साह के साथ शामिल हुई हैं।
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सुबह-सुबह प्लेटफार्म से इंटरसिटी के छूटते ही ट्रेन का माहौल जोशीले नारों, तरानों और गजलों से पूरी तरह गरमा उठा। प्रतिभागियों में जोश इतना अधिक था कि ठंड का असर भी फीका पड़ गया। यात्रा के दौरान सभी लगातार फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे रैली को लेकर माहौल और भी ऊर्जावान बन रहा है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली, संविदा नीति समाप्त करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और सेवा शर्तों को बेहतर बनाने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर यह राष्ट्रव्यापी रैली बुलाई गई है। उनका कहना है कि दिल्ली पहुंचकर वे शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त तरीके से सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाएंगे।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने वाली भीड़ को देखते हुए आयोजकों ने सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों के लिए विशेष व्यवस्था की है। बरेली से रवाना हुआ यह जत्था भी दोपहर बाद दिल्ली पहुंचकर मुख्य रैली में शामिल होगा।