किसानों के हक और न्याय की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का धरना आठवें दिन भी लगातार जारी रहा। मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व के दिन भी भाकियू चढूनी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मालवीय आवास गृह पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
यह धरना भगवान दास और प्रेमवती की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को हटवाने की मांग को लेकर दिया जा रहा है। भाकियू चढूनी का आरोप है कि पीड़ित किसानों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसी के विरोध में संगठन पिछले आठ दिनों से लगातार धरना दे रहा है।
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बीते दिनों तहसीलदार सदर के हस्तक्षेप के बाद कार्यकर्ताओं में न्याय की उम्मीद जगी थी, लेकिन उसके बाद भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका। इससे नाराज होकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मकर संक्रांति के दिन भी धरना जारी रखा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो इस पूरे मामले का समाधान एक दिन में हो सकता है, लेकिन जानबूझकर इसे टाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह प्रशासन उदासीन बना रहा तो धरना और तेज किया जाएगा। भाकियू पीड़ित किसानों को इंसाफ दिलाने के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करती रहेगी।
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धरना स्थल पर बड़ी संख्या में भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान जिला महासचिव बीईशु दास, जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य, पूर्व जिला उपाध्यक्ष आरिफ रजा, नगर उपाध्यक्ष नूरुद्दीन अंसारी सहित भगवान दास, प्रेमवती, रामेश्वर, कल्लू, आराम सिंह, राम सिंह समेत कई कार्यकर्ता धरने में शामिल रहे। किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।