जनपद के मालवीय आवास गृह परिसर में जमीन पर हुए कथित अवैध कब्जे को हटवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) का धरना सातवें दिन भी लगातार जारी रहा। 8 जनवरी से शुरू हुआ यह धरना अभी तक किसी ठोस समाधान तक नहीं पहुंच सका है, जिससे किसानों और पीड़ित पक्ष में गहरा रोष देखने को मिल रहा है।
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भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ता बुधवार को भी धरना स्थल पर डटे रहे। संगठन का कहना है कि सोमवार को हुई मासिक पंचायत में प्रशासन द्वारा जो आश्वासन दिए गए थे, उन पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ है। मांगें पूरी न होने के कारण किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।
जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक जमीन से अवैध कब्जा हटाकर पीड़ित को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि किसान आंदोलन को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पीड़ित महिला ने धरना स्थल पर बताया कि धरना खत्म कराने के लिए उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। आरोप है कि गांव के दबंग किस्म के लोग, जिनकी नीयत जमीन पर कब्जा करने की है, खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं और यह तक कह रहे हैं कि नेता, पुलिस और तहसील उनकी जेब में है। ऐसे बयान न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि पीड़ित की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाते हैं।
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जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आगे की रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाए।
धरने में बीयीसु दास, शिव दयाल, नूरुद्दीन, कल्लू, कृष्ण अवतार शाक्य, ओंकार, राम सिंह, रजनेश उपाध्याय, भूपेंद्र पाठक, हरपाल सहित कई किसान और संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।