भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) द्वारा मालवीय आवास गृह पर दिया जा रहा धरना पांचवें दिन भी लगातार जारी रहा। संगठन की मासिक पंचायत और उग्र आंदोलन की चेतावनी का प्रशासन पर सीधा असर देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की बढ़ती सक्रियता और आक्रोश को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट स्वयं पंचायत स्थल पर पहुंचे और धरनारत किसानों की समस्याएं सुनीं।
प्रशासन को आंदोलन की भनक लगते ही सिटी मजिस्ट्रेट ने पंचायत के दौरान ही दूरभाष पर तहसीलदार सदर को निर्देश दिए कि धरने पर बैठे पीड़ित की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। आदेश मिलते ही तहसीलदार आनन-फानन में मालवीय आवास गृह पहुंचे और पीड़ित किसान तथा भाकियू चढूनी के प्रतिनिधिमंडल को अपने साथ तहसील ले गए। वहां दूसरे पक्ष को भी बुलाकर समझौते का प्रयास किया गया।
इसे भी पढ़ें -अवैध कब्जे के विरोध में भाकियू (चढूनी) का धरना चौथे दिन भी जारी
हालांकि दूसरे पक्ष ने तहसीलदार के समझौते के प्रयास को मानने से इनकार कर दिया। इस पर तहसीलदार ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि नियमों के तहत दूसरे पक्ष के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस पहल से धरनारत किसानों में न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन संगठन ने साफ किया है कि जब तक पूर्ण समाधान नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
इसे भी पढ़ें - स्मार्ट मीटर से बड़े बिल, भाकियू का गुस्सा
भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप से सकारात्मक संकेत मिले हैं। वहीं पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव आसिम उमर ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलालों की सक्रियता के कारण पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
धरने और पंचायत में जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य, जिला महासचिव बीयीशु दास, जिला कोषाध्यक्ष रहीस अहमद, जिला संगठन मंत्री बब्बू खां सहित रजनेश उपाध्याय, जान मोहम्मद, रामेश्वर, अनवीर सिंह, पुष्पेंद्र, धनवीर, नेत्रपाल, नूरुद्दीन ठेकेदार, हरपाल, यादवेंद्र यादव, सुशील कुमार, अजय सैनी, सर्वेश कुमार, प्रेमवती, भगवान दास, विमलेश कुमार, सरदार हरि सिंह, रामसिंह समेत कई दर्जन कार्यकर्ता मौजूद रहे।