स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती समस्याओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया। प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर महानगर और जिला इकाई ने संयुक्त रूप से मुख्य अभियंता गर्ग को ज्ञापन सौंपते हुए स्मार्ट मीटर से हो रहे कथित उत्पीड़न पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
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महानगर अध्यक्ष अजय चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज हित में विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है, लेकिन स्मार्ट मीटर योजना जमीनी स्तर पर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। इसी क्रम में विद्युत मंत्री ए.के. शर्मा के नाम ज्ञापन देकर अवगत कराया गया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल तीन से चार गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे व्यापारियों की कमर टूट रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापारियों की समस्या नहीं है, बल्कि आम जनता भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता फोरम ने भी अपनी रिपोर्ट में स्मार्ट मीटर के कारण आम उपभोक्ताओं के उत्पीड़न को स्पष्ट रूप से दर्ज किया है, इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
जिला अध्यक्ष गुलवीर चौधरी ने स्मार्ट मीटर पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक इस प्रणाली की निष्पक्ष जांच और उपभोक्ताओं को राहत देने की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक स्मार्ट मीटर जनता और व्यापारियों के लिए अभिशाप बने रहेंगे। यदि समय रहते सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला महामंत्री अंशुल अग्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी विपुल पाठक एडवोकेट, जिला मंत्री राजेश सैनी, महानगर महामंत्री सचिन अरोड़ा, राजेश गोयल, महानगर उपाध्यक्ष ताराचंद्र अग्रवाल, महानगर मीडिया प्रभारी अखिलेश मिश्रा पिंटू, महानगर वरिष्ठ मंत्री नरेश शर्मा, बब्बू पंडित तथा मंडी समिति के अध्यक्ष करणवीर चौधरी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
व्यापार प्रतिनिधियों ने दो टूक कहा कि अगर स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो व्यापारी समाज सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।