जागरण टुडे,कासगंज।
जनपद कासगंज में अवैध शराब बिक्री का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। जिले के कई गांवों में परचून की दुकानों पर खुलेआम देशी शराब बेचे जाने का आरोप सामने आ रहा है। हालात यह हैं कि सुबह से ही गांवों में लोग नशे की हालत में झूमते नजर आते हैं, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के समीपवर्ती गांव लोहर्रा से सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव में स्थित एक परचून की दुकान पर अवैध रूप से देशी शराब की बिक्री की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रमोद पुत्र पंचम सिंह अपनी परचून की दुकान से वाकायदा लाइसेंसी शराब की दुकान की तरह शराब बेच रहे हैं। दुकान पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही लगी रहती है और शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र के क्यामपुर, किलोनी रफातपुर, बहेडिया, गुरहना, नगला नोकस में बिक रही है।
फोटो दुकान में रखी शराब को हाथ डालकर निकालता हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध शराब के सेवन से गांव का माहौल खराब हो गया है। युवा और मजदूर वर्ग सुबह से ही नशे में नजर आते हैं, जिससे घरेलू कलह, झगड़े और आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि नशे की वजह से घर-परिवार की शांति भंग हो रही है और बच्चों पर भी इसका गलत असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों और पुलिस को इस अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो गांव में हालात और बिगड़ सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही परचून की दुकानों पर हो रही इस तरह की अवैध बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि गांवों को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।