उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (दुवासू) में चल रहे “दीक्षोत्सव माह–2026” के अंतर्गत 4वें डॉ. बीपी पांडे स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. अभिजित मित्र ने की।
मुख्य वक्ता मेजर जनरल (डॉ.) प्रमोद बत्रा (सेवानिवृत्त), वीएसएम, पूर्व महानिदेशक, रिमाउंट वेटेरिनरी कॉर्प्स रहे। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में पशुचिकित्सकों की अहम भूमिका बताई। कहा कि सैन्य सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा इन सभी क्षेत्रों में पशुचिकित्सा विशेषज्ञों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मेजर जनरल बत्रा ने कहा कि पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन, जैव सुरक्षा उपायों और सशस्त्र बलों को तकनीकी सहयोग के माध्यम से पशुचिकित्सक राष्ट्र की सुरक्षा के मजबूत स्तंभ बनते हैं। उन्होंने युवा विद्यार्थियों को आरवीसी में शामिल होकर राष्ट्रसेवा को एक उज्ज्वल करियर विकल्प के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आरवीसी में महिला अधिकारियों की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है और गणतंत्र दिवस परेड में आरवीसी दल का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया।
कुलपति डॉ. अभिजित मित्र ने पशु परजीवी विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. बीपी पांडे के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध कार्यों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि निदेशक शोध ने डॉ. पांडे के जीवन एवं योगदान पर संक्षिप्त प्रकाश डाला।