जनपद बरेली के सिरौली थाना क्षेत्र के कैलाश गिरी मढ़ी घाट पर शनिवार को रामगंगा नदी में डूबे किशोर का शव रविवार को करीब 24 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने लगभग छह घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर नदी से शव को बाहर निकाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव ढकिया निवासी अर्जुन अपने बहनोई के घर मीरगंज क्षेत्र के गांव मनकरा आया हुआ था। शनिवार को वह गांव के अन्य लोगों के साथ रामगंगा नदी के घाट पर राख विसर्जन के लिए गया था। इसी दौरान घाट पर स्नान करते समय अर्जुन, अनमोल और कपिल नाम के तीन किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए।
घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए अनमोल और कपिल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अर्जुन तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते नदी की लहरों में ओझल हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
सूचना मिलने पर सिरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से किशोर की तलाश शुरू कराई गई। हालांकि शनिवार देर शाम तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद अर्जुन का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद रविवार सुबह तहसील प्रशासन ने एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया।
एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया। करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत और तकनीकी संसाधनों की मदद से आखिरकार टीम को सफलता मिली और अर्जुन का शव नदी से बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया है। घटना स्थल पर तहसीलदार आंवला बृजेश कुमार वर्मा, हल्का लेखपाल प्रशांत कुमार और थाना प्रभारी सिरौली विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
मृतक के बहनोई अजय शर्मा ने बताया कि अर्जुन उनका इकलौता साला था, जिसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।