जागरण टुडे, कासगंज/सोरों।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर तीर्थनगरी सोरों में सनातन परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली। ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में 51 ब्राह्मण बटुकों का उपनयन (यज्ञोपवीत) संस्कार श्रद्धा, आस्था और वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया गया। यह आयोजन संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज परिसर में हुआ, जहां सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा और पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान वेदाचार्य नरेश वेदांती, शुभम मिश्रा सहित अन्य आचार्यों ने विधिवत अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच बटुकों को यज्ञोपवीत धारण कराया गया और उन्हें सनातन धर्म के मूल संस्कारों से परिचित कराया गया। पूरे आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और आध्यात्मिकता का विशेष समावेश देखने को मिला।
वेदाचार्य नरेश वेदांती ने उपनयन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हिंदू धर्म के सोलह प्रमुख संस्कारों में से एक है। यह संस्कार बालक को शिक्षा, संयम और आध्यात्मिक जीवन की दिशा में अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
ब्राह्मण कल्याण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पांडे ने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज में धार्मिक संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे, जिससे सनातन संस्कृति और अधिक सशक्त हो सके।
इस अवसर पर सभा के कई पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिवजी, अतुल निर्भय, हरिओम पचौरी, अशोक पांडे, उमेश बोहरे, धनदीप दघिरा, अर्जुन मिश्रा, सत्यम चौबे, अभिषेक वशिष्ठ, जय प्रकाश त्रिवेदी, सोम दत्त पाठक, अनुपम अनु, रामू तिवारी, प्रज्ञेष द्विवेदी, सौरव चौधरी, आदित्य दुबे, राघव भारद्वाज, राधे मोहन झा, गौरव दीक्षित, उदित तिवारी, कैलाश नंबरदार, शिवानंद उपाध्याय, राजेश कुमार सहित अनेक लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम सुबह से दोपहर तक चला। अंत में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।