जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, टीकाकरण व मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन, आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण, एंबुलेंस सेवाएं (108 व 102) सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि जनपद में संचालित अवैध और अनाधिकृत अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पीसीपीएनडीटी कमेटी को निर्देशित किया गया कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव को तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि संचारी रोगों पर नियंत्रण पाया जा सके। अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल, पंखे, बैठने की व्यवस्था और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) की सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े। जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाने, टीबी जांच बढ़ाने और नियमित टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. राधावल्लभ, नीरज अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।