जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
जनपद में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा शासनकाल बढ़ाए जाने के समर्थन में एक ज्ञापन भेजे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षर कर उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया है। ज्ञापन में वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के कई जिलों में समान परिस्थितियों को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के कार्यों की निरंतरता बनाए रखना आवश्यक है।
अखिल भारतीय प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डा, वीके राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय से पहले कार्यकाल समाप्त होता है, तो विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कई योजनाएं अभी अधूरी हैं और उन्हें पूर्ण करने के लिए वर्तमान प्रतिनिधियों का कार्यरत रहना जरूरी है। प्रतिनिधियों का मानना है कि नए चुनाव कराए जाने की स्थिति में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ सकती है और प्रशासनिक प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
पत्र की प्रतिलिपि विभिन्न उच्चाधिकारियों को भेजी गई है, जिनमें संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी भी शामिल हैं, ताकि मामले पर शीघ्र संज्ञान लिया जा सके। ज्ञापन में पंचायत राज विभाग से भी आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन या शासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों की इस पहल को स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय माना जा रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि यह कदम विकास कार्यों को जारी रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, जबकि अन्य इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देख रहे हैं।
फिलहाल, सभी की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो पंचायतों का कार्यकाल बढ़ सकता है, जिससे वर्तमान प्रतिनिधियों को अपने अधूरे कार्य पूरे करने का अवसर मिलेगा।
देने वालों में राजेश वर्मा, शिवकुमार हमदर्द, नेतराम, ओमवीर, मनोज शर्मा, डालचंद्र, सूरज मुखी, नीलम, प्रतिभा राजपूत, रोहन सिंह, बदरूलहसन, आनंद कुमार, विजेंद्र यादव, देवेंद्र पचौरी, संतोष कुमार, मौहर कली सहित बडी संख्या में प्रधान मौजूद थे।