फरह। फतिहा रेलवे ओवरब्रिज पर लापरवाही और मनमानी का आलम ऐसा है कि यहां सुरक्षा इंतजाम बेअसर साबित हो रहे हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद ग्रामीण न तो नियम मान रहे हैं और न ही प्रशासनिक चेतावनियों का असर दिख रहा है। स्थिति यह है कि ओवरब्रिज अब हादसों का अड्डा बनता जा रहा है।
हाइवे प्रशासन द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड, साइन बोर्ड और संकेतक पोल को ग्रामीण बार-बार उखाड़कर फेंक रहे हैं। इनका उद्देश्य वाहनों को सही दिशा में चलाना था, लेकिन इन्हें हटाने से स्थिति और खतरनाक हो गई है। तेज रफ्तार और रॉन्ग साइड चल रहे वाहनों के कारण यहां हर समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरब्रिज पर बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन चालक खुलेआम गलत दिशा में चलते हैं। इससे जाम की समस्या तो बढ़ती ही है, साथ ही आमने-सामने की टक्कर का जोखिम भी बना रहता है। कई छोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी है। कुछ लोग खुलेआम कहते नजर आते हैं—“हम नहीं सुधरेंगे।”
टोल प्रबंधक जयपाल सिंह ने बताया कि हाइवे प्रशासन ने कई बार सुरक्षा के लिए संकेतक और साइन बोर्ड लगाए, लेकिन हर बार उन्हें तोड़ दिया गया। अब रॉन्ग साइड रोकने के लिए ओवरब्रिज पर बड़ी गर्डर लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा सके।
वहीं महुअन टोल चौकी इंचार्ज अभिलाख सिंह ने चेतावनी दी है कि अब उल्टी दिशा में चलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल यह है कि जब तक प्रशासन सख्ती नहीं करता और लोग अपनी आदत नहीं बदलते, तब तक फतिहा रेलवे ओवरब्रिज पर हादसों का सिलसिला थमने वाला नहीं है।