जागरण टुडे, सोरों (कासगंज):
शिक्षा का केंद्र माने जाने वाले संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज एक बार फिर विवादों में आ गया है। ताजा मामला विद्यालय की छात्राओं को पढ़ाई के समय यूनिफॉर्म में सड़क पर प्रदर्शन कराने से जुड़ा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि कक्षा में पढ़ाई कराने के बजाय छात्राओं को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है। सोमवार को कुछ छात्राएं स्कूल ड्रेस में सड़क पर प्रदर्शन करती नजर आईं, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल शिक्षा के नियमों के खिलाफ हैं, बल्कि छात्राओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।
इस पूरे मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनकी अनुमति से ही छात्राओं को प्रदर्शन में शामिल किया गया। कुछ लोगों ने उन्हें “राजनीतिक एजेंट” की तरह काम करने और पद के दुरुपयोग का दोषी बताया है। हालांकि, विद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब यह इंटर कॉलेज विवादों में आया हो। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर कॉलेज के प्रोस्पेक्टस के नाम पर छात्र-छात्राओं से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया था। उस समय जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच कर कार्रवाई भी की थी, जिसके बाद कुछ समय तक मामला शांत हो गया था।
अब एक बार फिर इस नए विवाद के सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए और बच्चों का भविष्य सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।