मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में मंगलवार को 55वीं संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक लघु सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सबसे पहले पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई, जिसमें विभिन्न परिवहन संबंधी प्रकरणों की प्रगति पर चर्चा हुई।
पिछले तीन माह में आगरा मंडल में जारी नए परमिट, नवीनीकरण, वाहन प्रतिस्थापन और निरस्तीकरण का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। आगरा जनपद में 627 नए परमिट जारी किए गए, जबकि 139 परमिटों का नवीनीकरण और 390 परमिट निरस्त किए गए। इसी तरह फिरोजाबाद में 511 नए परमिट, 19 नवीनीकरण और 410 निरस्तीकरण, मथुरा में 589 नए परमिट, 46 नवीनीकरण और 333 निरस्तीकरण तथा मैनपुरी में 376 नए परमिट, 10 नवीनीकरण और 217 निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन की 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना को भी अंगीकृत किया गया। इसके तहत नियम 84 में संशोधन करते हुए परमिट धारकों को निर्धारित अवधि में वाहन का उपयोग न करने की स्थिति में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई है।
स्कूल वाहनों को लेकर बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। आगरा मंडल में 94 स्कूल बसें ऐसी पाई गईं जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है और समय पर प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि छह माह से अधिक समय से फिटनेस समाप्त वाहनों के परमिट 90 दिनों के लिए निलंबित किए जाएं। वहीं तीन वर्ष से अधिक समय से फिटनेस समाप्त स्कूल वाहनों के परमिट निरस्त करने के आदेश दिए गए। तीन वर्ष से कम अवधि वाले मामलों में संबंधित स्कूल प्रबंधन को कड़े नोटिस जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, अन्य संभागों में स्कूली वाहनों के परमिट उपयोग को लेकर भी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह, आरटीओ अरुण कुमार, आरटीओ प्रवर्तन अखिल द्विवेदी और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।