जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मथुरा-बरेली हाईवे के समीप बसे नगला मामो गांव में जलभराव की समस्या को लेकर शुक्रवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की गलियों में कई दिनों से गंदा पानी भरा होने और निकासी की व्यवस्था न होने से परेशान महिलाओं और ग्रामीणों ने मथुरा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। अचानक लगे जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात काफी देर तक बाधित रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से समस्या का समाधान नहीं कराया गया। गांव की गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिला हनु ने बताया कि पहले गांव का पानी एक खेत की ओर निकल जाता था, लेकिन खेत मालिक द्वारा रास्ता बंद कर दिए जाने से अब पूरा पानी गलियों में भर रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों को मजबूरी में सड़क जाम करनी पड़ी।
वहीं प्रदर्शनकारी महिला मीरा ने बताया कि गांव में आए दिन बच्चे और बुजुर्ग गंदे पानी और नालियों में गिर जाते हैं। घरों में भी गंदा पानी घुस रहा है। प्रधान से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
हाईवे जाम की सूचना मिलने के बाद ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शाम तक पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाएगी। साथ ही मिट्टी डलवाने का कार्य भी कराया जा रहा है। सचिव ने बताया कि जिस खेत की तरफ पानी जा रहा था, वह संबंधित व्यक्ति का पैतृक खेत है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया, हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।