जागरण टुडे, कासगंज।
जनपद कासगंज के अमांपुर कोतवाली क्षेत्र में फाइनेंस कर्मियों की कथित प्रताड़ना से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने एटा स्थित अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर युवक को दो दिनों तक बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घायल अवस्था में मिलने के बाद युवक को इलाज के लिए अलीगढ़ ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान 30 वर्षीय आले हसन पुत्र राजउद्दीन निवासी नगला हाथी, थाना अमांपुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार आले हसन ने एटा की अन्नपूर्णा फाइनेंस कंपनी से आइसक्रीम बेचने के लिए एक गाड़ी फाइनेंस कराई थी। इसी लेन-देन और कागजी प्रक्रिया को लेकर फाइनेंस कर्मी शैलेश, अनीस, विवेक और श्याम सुंदर बीती 23 अप्रैल को उसे घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद आले हसन दो दिनों तक घर नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने फाइनेंस कर्मियों के खिलाफ अमांपुर कोतवाली में तहरीर दी। आरोप है कि शिकायत के बाद फाइनेंस कर्मियों ने युवक को 27 अप्रैल को शेरपुर गांव के पास एक खेत में घायल अवस्था में छोड़ दिया।
परिवार के मुताबिक घायल हालत में मिले आले हसन ने बताया कि उसे एटा ले जाकर दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और बेरहमी से मारपीट की गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल लौट आए, जहां सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।