जागरण टुडे। मथुरा और वृंदावन क्षेत्र में होटल और गेस्ट हाउस संचालकों की मनमानी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार, 6 मई को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्र ने छटीकरा मार्ग से प्रेम मंदिर मार्ग, चैतन्य विहार और रूकमणी विहार क्षेत्र में स्थित 22 होटल, गेस्ट हाउस और सराय का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान होटल मिडास, सुख प्यारी धाम, श्री वसुधा धाम, श्री राधा रमण कृष्णा कुंज, श्री धामोदर धाम, अनुकम्पा धाम समेत कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने पाया कि कई होटल और गेस्ट हाउस संचालकों ने “सराय अधिनियम नीति” के तहत अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया है, जबकि “होटल एवं अन्य पूरक आवास (नियंत्रण) विनियमावली 2023” के अनुसार यह अनिवार्य है।
जांच में यह भी सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं लिया गया है, वहीं आगंतुक पंजिका में ठहरने वाले यात्रियों का सही रिकॉर्ड भी दर्ज नहीं किया जा रहा। इसके अलावा पर्यटन मानकों के उल्लंघन के मामले भी पाए गए।
नगर मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द पर्यटन विभाग से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन नहीं करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सराय अधिनियम के तहत होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, मैरिज होम और होम स्टे सभी को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए संचालकों को पुलिस, अग्निशमन, खाद्य सुरक्षा, विद्युत, राजस्व, पर्यावरण और नगर निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होता है।
प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि तीर्थनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।