लहरा गंगा घाट स्थित उदासीन निर्वाण आश्रम में वैदिक अनुष्ठानों के बीच जुटे संत-महात्मा
जागरण टुडे, सोरों/कासगंज ।
पावन तीर्थ नगरी सोरों के लहरा गंगा घाट स्थित श्री पंचायती उदासीन निर्वाण आश्रम में महंत 108 श्री सोमवार मुनी महाराज द्वारा जनकल्याण, विश्व शांति एवं सनातन धर्म की उन्नति के उद्देश्य से 21 दिवसीय अग्नि तपस्या एवं धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। 12 मई से प्रारंभ हुआ यह विशेष तप अनुष्ठान 1 जून तक चलेगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में गहरा उत्साह देखा जा रहा है।
आश्रम परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन, जप, तप और साधना से भक्तिमय बना हुआ है। महंत सोमवार मुनी महाराज अग्नि के मध्य कठिन तपस्या कर मानव समाज के सुख, शांति और कल्याण की कामना कर रहे हैं। संत समाज का मानना है कि तपस्या केवल आत्मकल्याण का माध्यम नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व में सकारात्मक ऊर्जा, धर्म जागरण और लोकमंगल का संदेश देने का श्रेष्ठ मार्ग है।
महंत सोमवार मुनी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक चुनौतियों से गुजर रहा है। ऐसे समय में सनातन परंपरा के अनुसार तप, साधना और यज्ञ के माध्यम से लोककल्याण की भावना को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अग्नि साधना समस्त मानव जाति के कल्याण और धर्म रक्षा के संकल्प के साथ की जा रही है।
अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन संत-महात्माओं के प्रवचन, पूजा-अर्चना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। देशभर के विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों से आए साधु-संत भी आयोजन में सहभागिता कर रहे हैं।
जयपुर (राजस्थान) से पधारे संत पवन मुनी महाराज ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में तपस्या और यज्ञ का विशेष महत्व है। उन्होंने महंत सोमवार मुनी महाराज की अग्नि तपस्या को धर्म, समाज और मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया।
इस अवसर पर कुमार पागल बाबा, रघुवीर सिंह, महेंद्र, पूर्व सभासद पंडित बबलू शर्मा, पिन्नी बाबू, जगतपाल, प्रेमशंकर, कमल सिंह, सत्यपाल सिंह, धनंजय सिंह और गोविंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।