जागरण टुडे, गुड्डू यादव, कासगंज।
ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी संचालन के विरोध में बुधवार को कासगंज केमिस्ट्स एसोसिएशन ने जिलेभर में प्रदर्शन किया। विरोध स्वरूप शहर के दवा व्यापारियों ने अपनी-अपनी मेडिकल स्टोर बंद रखीं और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और दवा व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक दवा कारोबार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री से जनस्वास्थ्य को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है।
कासगंज केमिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उनका संगठन राष्ट्रीय संस्था ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) की जिला इकाई है, जो देशभर के 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट्स एवं दवा वितरकों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष औषधि व्यापार और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दे उठा रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं किया गया है। इससे लाखों दवा व्यापारियों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर रोक लगाने तथा 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) को वापस लेने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा बड़े कॉरपोरेट समूहों द्वारा की जा रही प्रिडेटरी प्राइसिंग पर नियंत्रण लगाने और 26 मार्च 2020 की अधिसूचना GSR 220(E) को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई।
दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां बिना वैध डॉक्टर के पर्चे के दवाओं की बिक्री कर रही हैं। इससे एंटीबायोटिक्स और नशे की आदत डालने वाली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ रहा है। साथ ही नकली प्रिस्क्रिप्शन के माध्यम से दवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो भविष्य में जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
प्रदर्शन के बाद दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।