जागरण टुडे, गुड्डू यादव,कासगंज।
जनपद के ढोलना थाना क्षेत्र स्थित नगला भंडारी गांव में आठ माह की गर्भवती विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल की। परिजनों ने घटना को स्वाभाविक बताते हुए किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया।
प्रभारी निरीक्षक ढोलना जगदीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को आरओआईपी मोबाइल नंबर पर दोपहर करीब 2:18 बजे सूचना मिली थी कि नगला भंडारी गांव में एक विवाहिता की मृत्यु हो गई है और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
जांच में पता चला कि मृतका बृजेश कुमारी पत्नी सुभाष चंद्र निवासी नगला भंडारी की शादी 11 जुलाई 2024 को सुभाष चंद्र पुत्र धर्मपाल सिंह के साथ हुई थी। मृतका मूल रूप से एटा जनपद के थाना पिलुआ क्षेत्र के गांव बमनई निवासी रमेश चंद्र की पुत्री थी। बताया गया कि बृजेश कुमारी गर्भवती थी और उसके पेट में करीब आठ माह का बच्चा था।
परिजनों के अनुसार 18 मई को उसे प्रसव संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाया गया था। चिकित्सक ने बच्चे की धड़कन कम होने की बात कही थी। इसके बाद 19 मई को हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे श्रीनाथ हॉस्पिटल, छर्रा अलीगढ़ में भर्ती कराया गया। वहां मृतका के पिता रमेश चंद्र, भाई कल्याण सिंह, पति सुभाष चंद्र और अन्य परिजन भी मौजूद थे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक मृतका के पिता रमेश चंद्र, भाई कल्याण सिंह समेत सभी परिजनों ने लिखित रूप से बताया कि वे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। उन्होंने पंचायतनामा की कार्रवाई के दौरान भी यही बयान दिया और रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई। पुलिस आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।