डॉ. पूजा गुप्ता ने मंगलवार को विकास खंड फरह के महुअन स्थित अस्थाई गौ-आश्रय स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान गौशाला में करीब 140 गौवंश संरक्षित पाए गए, लेकिन कुछ गौवंश बिना ईयर टैगिंग के मिलने पर लापरवाही भी उजागर हो गई। इस पर CDO ने संचालकों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश देते हुए सख्त रुख अपनाया।
निरीक्षण के समय गौ-आश्रय स्थल के केयरटेकर कोमल और ग्रामीण मौजूद रहे। केयरटेकर ने जानकारी दी कि गौशाला में कुल 140 गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 20 नर और 120 मादा गौवंश शामिल हैं। हालांकि मौके पर कुछ पशु बिना ईयर टैगिंग के पाए गए, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सभी गौवंशों की तत्काल ईयर टैगिंग सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अभिलेख और पहचान व्यवस्था दुरुस्त रह सके।
निरीक्षण में गौवंशों के लिए हरे चारे, भूसे और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता पाई गई। भीषण गर्मी को देखते हुए पशुओं को राहत देने के लिए छाया और गर्मी से बचाव के इंतजाम भी संतोषजनक मिले। गौ-आश्रय स्थल में साफ-सफाई व्यवस्था भी ठीक पाई गई, जिस पर CDO ने संतोष जताया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि पहचान संबंधी व्यवस्थाओं में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।