विस्फोटक अधिनियम व लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर 7 दिन में मांगा जवाब, संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद के सोरों क्षेत्र के नगला पटिया गांव स्थित आतिशबाजी निर्माण इकाई में हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देशन में उपजिलाधिकारी कासगंज ने आतिशबाजी निर्माण इकाई के लाइसेंस धारक रमेश चन्द्र पुत्र रघुवर दयाल, निवासी नगला पटिया मजरा उढ़ेर पुख्ता, थाना सोरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उपजिलाधिकारी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार 30 मई 2026 को उढ़ेर पुख्ता स्थित आतिशबाजी निर्माण स्थल पर आग लगने की गंभीर घटना हुई थी। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें एक नाबालिग किशोर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि संबंधित आतिशबाजी इकाई का लाइसेंस वर्ष 2031 तक वैध है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान विस्फोटक अधिनियम-2008 और लाइसेंस की निर्धारित शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि फैक्ट्री में अप्रशिक्षित व्यक्तियों एवं नाबालिग बच्चों से कार्य कराया जा रहा था। प्रथम दृष्टया इन्हीं लापरवाहियों को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है।
नोटिस में लाइसेंस धारक को निर्देशित किया गया है कि वह नोटिस प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने अथवा स्पष्टीकरण अस्वीकार्य पाए जाने पर लाइसेंस संख्या 23 एवं 24 को नियमानुसार निरस्त करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 30 मई को सोरों कोतवाली क्षेत्र के नगला पटिया गांव स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना में पांच नाबालिगों समेत सात मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां 15 वर्षीय रेहान पुत्र इकबाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।
घटना की जांच के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहन विवेचना कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया तथा नाबालिगों को किस परिस्थिति में कार्य पर लगाया गया।वहीं मामले में फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मानपुर नगरिया चौकी प्रभारी बलवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
वहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।