जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कस्बा गंजडुंडवारा में हर नारायण इंटर कॉलेज के सामने कैनाल किनारे स्थित एक विशाल पेड़ लगभग 20 दिन पूर्व आई तेज आंधी के दौरान धराशायी हो गिर गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय बाद भी संबंधित विभागों ने जिम्मेदारी तय कर उसे हटाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। सड़क पर गिरा पेड़ आज भी आवागमन में बाधा बना हुआ है और किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी के दौरान पेड़ गिरने के बाद मार्ग का बड़ा हिस्सा अवरुद्ध हो गया था। वर्तमान में भी सड़क पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी है। राहगीरों, स्कूली छात्रों तथा दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन चालक पेड़ के कारण अचानक संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पेड़ गिरने के बाद से अब तक न तो सिंचाई विभाग, न नगर निकाय और न ही अन्य किसी जिम्मेदार विभाग ने इसे हटाने की पहल की। इससे प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि समय रहते पेड़ को हटा दिया जाता तो लोगों को इस समस्या से नहीं जूझना पड़ता।
इस मामले को उठाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने जिलाधिकारी कासगंज से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर नारायण इंटर कॉलेज के सामने का यह मार्ग कस्बे का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क पर पड़ा विशाल पेड़ कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
अब्दुल हफीज गांधी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित विभागों को तत्काल निर्देशित कर सड़क पर पड़े पेड़ को हटवाया जाए और मार्ग को पूरी तरह सुचारु कराया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी।
क्षेत्रीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में सड़क पर पड़ा पेड़ और अधिक खतरा पैदा कर सकता है।
अब्दुल हफीज गांधी ने सवाल उठाए है कि आखिर 20 दिन से सड़क पर पड़ा यह पेड़ प्रशासन की नजरों से कैसे ओझल है और जनता को राहत दिलाने के लिए अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।