जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
जनपद की ग्राम पंचायत करसरी हयातगढ़ी में राशन वितरण में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। राशन डीलर मेघसिंह के खिलाफ खाद्यान्न की कालाबाजारी और वितरण में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए थाना ढोलना में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रणय सिंह से शिकायत की थी कि कोटेदार ई-पॉस मशीन पर लाभार्थियों के अंगूठे लगवाकर राशन वितरण दर्शा देता है, लेकिन उन्हें खाद्यान्न नहीं देता। शिकायत मिलने पर पूर्ति निरीक्षक तरुण प्रताप ने 30 मई को जांच की। जांच के दौरान कई कार्डधारकों ने बताया कि डीलर उन्हें अगले महीने राशन देने का आश्वासन देकर लंबे समय से टालता आ रहा था।
भौतिक सत्यापन में गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई। अभिलेखों के अनुसार दुकान पर मई और जून माह का कुल 54.20 क्विंटल गेहूं, 33.60 क्विंटल चावल तथा 1.27 क्विंटल बाजरा उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर मात्र आठ कट्टे गेहूं और छह कट्टे चावल ही पाए गए। जांच में कुल 82.07 क्विंटल खाद्यान्न कम मिला, जिससे कालाबाजारी की आशंका सही साबित हुई।
प्रशासन ने आरोपी डीलर को उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु नियंत्रण आदेश-2016 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही दुकान पर उपलब्ध शेष खाद्यान्न को दूसरे उचित दर विक्रेता के सुपुर्द कर दिया गया है, ताकि पात्र लाभार्थियों को राशन वितरण प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।