राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मथुरा में प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान में राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह ने पांच टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील रहने और समाज को टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़ने की अपील की।
राज्यसभा सांसद ने अपने संदेश में कहा, "टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन इसके लिए समय पर पहचान, नियमित जांच और पूरा उपचार बेहद जरूरी है। अगर किसी को दो हफ्ते से ज्यादा समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना या लगातार कमजोरी महसूस हो रही है, तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए।"उन्होंने आगे कहा, "जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन वे उच्च जोखिम समूह में आते हैं, उन्हें भी अपनी एक्स-रे जांच जरूर करानी चाहिए। सरकार टीबी की जांच और इलाज की सभी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त में उपलब्ध करा रही है।"
टीबी मुक्त मथुरा का लिया संकल्प
राज्यसभा सांसद ने जनपदवासियों से मथुरा में चल रहे 100 दिवसीय टीबी अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही टीबी मुक्त मथुरा और टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा। "आइए संकल्प लें, टीबी हराएंगे और मथुरा को टीबी मुक्त बनाएंगे।" कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और मरीजों का सहयोग करने का संकल्प लिया।
निक्षय पोषण योजना की दी जानकारी
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि टीबी मरीजों को उपचार के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे मरीजों को पौष्टिक आहार लेने में मदद मिलती है और उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।
निक्षय मित्र बनने की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधा बल्लभ ने समाज के सक्षम लोगों, स्वयंसेवी संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संस्थाओं से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने और उनकी सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना टीबी उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। इस दौरान लोगों से 100 दिवसीय टीबी अभियान में शामिल होने और निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की गई।