तमिलनाडु और पुडुचेरी से आए करीब 55 छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राजकीय संग्रहालय, मथुरा का शैक्षिक भ्रमण कर ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जाना। संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मूर्तियों, पुरावशेषों और मथुरा कला की विशेषताओं ने विद्यार्थियों को खासा आकर्षित किया।
यह भ्रमण GLA विश्वविद्यालय, मथुरा तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 1 से 10 जून तक चल रहे इंटर्नशिप कार्यक्रम का हिस्सा है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और विरासत से जोड़ना है, ताकि वे देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
संग्रहालय भ्रमण के दौरान विशेषज्ञ अधिकारियों ने छात्रों को मथुरा कला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी वैश्विक पहचान तथा संग्रहालय में संरक्षित महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने विभिन्न दीर्घाओं का अवलोकन करते हुए प्राचीन भारतीय सभ्यता, धार्मिक परंपराओं और कला के विकासक्रम को समझा।
छात्रों ने संग्रहालय में संरक्षित दुर्लभ मूर्तियों, शिल्पकृतियों और अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं के प्रति गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण से उन्हें भारतीय इतिहास और संस्कृति के अनेक ऐसे पहलुओं की जानकारी मिली, जिनके बारे में उन्होंने अब तक केवल पुस्तकों में पढ़ा था।
इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के डॉ. प्रह्लाद सिंह, GLA विश्वविद्यालय के डॉ. विजय कुमार मिश्र, राजकीय संग्रहालय के उप निदेशक योगेश कुमार, सहायक निदेशक डॉ. प्रतिभा द्विवेदी सहित संग्रहालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
संग्रहालय प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को भी मजबूत करते हैं।