अंकित पंडित, सोरों जी।
जागरण टुडे, सोरों।
तीर्थ क्षेत्र सोरों के लहरा गांव में धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, किशोरियों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा और कथा आयोजन से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत लहरेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं और किशोरियों ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और जयघोष करते हुए आगे बढ़ीं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकली यह कलश यात्रा गंगा भक्त मंडल धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान की व्यवस्था भी की गई। इसी क्रम में समाजसेवी सर्वेश शर्मा द्वारा सभी श्रद्धालुओं को ठंडा शरबत वितरित किया गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।
कलश यात्रा के उपरांत कथा पंडाल में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास पंडित चेतराम शर्मा ने प्रथम दिवस पर श्रीमद्भागवत महापुराण का महात्म्य सुनाते हुए कहा कि भागवत कथा मानव जीवन के दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों को दूर करने वाली दिव्य कथा है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है तथा धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। भागवत कथा मनुष्य के अनजाने में हुए पापों का भी नाश कर उसे ईश्वर की भक्ति से जोड़ती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से कथा श्रवण कर अपने जीवन को आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा श्रवण करते रहे।
इस अवसर पर सुनील अग्रवाल (मोनू), अरुण सक्सेना, सियाराम, अनिल, जय सिंह, रण सिंह, बबलू, अशोक, सूरजपाल, महेंद्र सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।