गुड्डू यादव, कासगंज।
जागरण टुडे, कासगंज ।
22 माह से रहस्मयी ढंग से लापता हुए चकबंदी लेखपाल का आज तक कोई अता पता नहीं चला। उनके परिजनों एडीजी कानपुर से सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही सीबीसीआईडी की जाँच कराये जाने की मांग की है।कासगंज शहर के बिलराम गेट पीली कोठी निवासी संगीता माहेश्वरी ने अपने लापता पति मनोज कुमार माहेश्वरी की तलाश में अब एडीजी कानपुर से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबी-सीआईडी से कराने की मांग करते हुए कहा है कि करीब 22 माह बीत जाने के बावजूद उनके पति का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
प्रार्थना पत्र में किए गये जिक्र के अनुसार, पीली कोठी बिलराम गेट, कासगंज निवासी मनोज कुमार माहेश्वरी उत्तर प्रदेश सरकार के चकबंदी विभाग में कानूनगो के पद पर फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में कार्यरत थे। वह 20 अगस्त 2024 को शाम करीब 5:40 बजे जिलाधिकारी कार्यालय, फतेहगढ़ से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन 21 अगस्त 2024को कोतवाली फतेहगढ़ में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई, लेकिन लगभग एक माह तक कोई सुराग न मिलने पर 28 सितंबर 2024 को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
संगीता माहेश्वरी का आरोप है कि उन्होंने फर्रुखाबाद और कासगंज के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत कई उच्च अधिकारियों से पति की तलाश के लिए गुहार लगाई, लेकिन आश्वासनों के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मोबाइल फोन की कराई जाये जांच
उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मनोज माहेश्वरी के मोबाइल फोन की आईपीडीआर जांच कराई गई थी। मौखिक रूप से मिली जानकारी के अनुसार 20 अगस्त 2024 की रात करीब 11 बजे मोबाइल की लोकेशन कासगंज रेलवे स्टेशन के आसपास मिली थी। जांच में रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे ट्रैक के नीचे स्थित एक नाले के पास अंतिम सेल आईडी मिलने की बात सामने आई। प्रार्थिया का कहना है कि विवेचना को आगे बढ़ाने के लिए उक्त नाले की तलीझाड़ सफाई बेहद जरूरी है, लेकिन लंबे समय से यह कार्य नहीं कराया गया। केवल एनडीआरएफ की औपचारिक जांच कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पत्नी की मांग
संगीता माहेश्वरी ने एडीजी कानपुर से मांग की है कि मामले की प्राथमिकता के आधार पर सीबी-सीआईडी जांच कराई जाए, ताकि विवेचना आगे बढ़ सके और उनके पति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।