गुडडू यादव, कासगंज।
जागरण टूडे, कासगंज।
जनपद के हजारा नहर हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन ली हैं। झाल के पुल के पास स्नान के दौरान नहर में डूबे तीन सगे भाइयों की तलाश लगातार जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे में लापता युवकों की पहचान 27 वर्षीय जयप्रकाश, 24 वर्षीय अजय और सबसे छोटे भाई हरेंद्र उर्फ छोटू के रूप में हुई है। तीनो सगे भाई हैं। प्रशासन, गोताखोरों और रेस्क्यू टीम द्वारा नहर में लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक तीनों का कोई सुराग नहीं लग सका था।
बताया गया है कि यह परिवार मूल रूप से हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव टिकरी का रहने वाला है। परिवार के मुखिया स्वर्गीय डालचंद्र पीएसी में जवान थे। करीब 20 वर्ष पूर्व लंबी बीमारी के चलते ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था। उस समय परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया था।
डालचंद्र अपने पीछे पांच बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए थे। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए सबसे बड़े बेटे शीलेंद्र को अनुकंपा के आधार पर पिता के स्थान पर पीएसी में नौकरी मिली। शीलेंद्र ने परिवार को संभालने का प्रयास किया, लेकिन किस्मत ने इस परिवार का पीछा नहीं छोड़ा। दूसरे नंबर के भाई का भी टीबी की लंबी बीमारी के चलते पहले ही निधन हो चुका है।
अब हजारा नहर हादसे में तीन और भाइयों के लापता होने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में अब केवल बड़ा भाई शीलेंद्र, उनकी मां कमलेश और तीन बहनें शीतल, ममता, शिवानी ही बची हैं।तीनो की शादी हो चकी है। मां कमलेश का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के लोग तीनों भाइयों के सकुशल मिलने की दुआ कर रहे हैं।
उधर, प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। गोताखोरों और संबंधित विभागों की टीमें नहर में लगातार तलाश कर रही हैं। पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।