कानपुर में उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यसमिति बैठक में व्यापार से समस्याओं पर मंथन,
कासगंज के जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सौंपा मांग-पत्र
जागरण टूडे, कासगंज ।
उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र जैन की अध्यक्षता में कानपुर में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों ने भाग लिया तथा सर्राफा व्यापार से संबंधित समस्याओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान कासगंज सर्राफा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित एक मांग-पत्र प्रदेश अध्यक्ष महेश चंद्र जैन को सौंपा। मांग-पत्र में केंद्र सरकार द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की गई।
अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि आयात शुल्क में भारी वृद्धि के कारण सोना एवं चांदी के आभूषणों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ती कीमतों के चलते आम उपभोक्ता खरीदारी से दूरी बना रहा है, जिससे सर्राफा व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कारोबार में अभूतपूर्व मंदी का माहौल है और इस उद्योग से जुड़े लाखों व्यापारी, कारीगर एवं कर्मचारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को व्यापार एवं रोजगार हित में आयात शुल्क वृद्धि के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी प्रदेश में निष्क्रिय पड़े साहूकारी लाइसेंसों को पुनः प्रभावी करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए बैंक से तत्काल ऋण प्राप्त करना संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में लाइसेंसधारी साहूकारी व्यवस्था आम नागरिकों को त्वरित और सरल ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
इसके अलावा प्रदेश सरकार से सर्राफा कारोबारियों के शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाने की भी मांग की गई। संगठन का कहना है कि सर्राफा व्यापार की प्रकृति को देखते हुए कारोबारियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने व्यापारिक हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे और सरकार से व्यापारी हितों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया।