जागरण टुडे, बरेली
ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। प्रशासन गांवों में जाकर लोगों की शिकायतें सुनेगा और उनका मौके पर निस्तारण करेगा। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे विकास, सेवा, सुशासन और जनकल्याण अभियान के तहत जनपद बरेली में 11 जून से 21 जून तक विभिन्न ग्राम पंचायतों में रात्रि चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
इन चौपालों में जिला प्रशासन, राजस्व, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और संबंधित मामलों के त्वरित समाधान का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की भी समीक्षा होगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कार्यक्रम को लेकर सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चौपालों को केवल औपचारिकता न बनाया जाए, बल्कि आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक तंत्र को गांवों तक जाना होगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 जून को तहसील सदर के भोजीपुरा विकास खंड की ग्राम पंचायत सुरला में पहली रात्रि चौपाल आयोजित होगी। इसके बाद 13 जून को बहेड़ी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रतनगढ़, 15 जून को भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत टिसुआ, 17 जून को मीरगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत नरखेड़ा, 19 जून को रामनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनौना तथा 21 जून को नवाबगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत ग्रेम में चौपाल लगाई जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी तय किया गया है कि 12 जून को बिथरीचैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत लढ़िया की मलिन बस्ती और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान के साथ जन-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा होगी।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और जिला स्तरीय अधिकारियों को रात्रि चौपाल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। संबंधित उप जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर बिजली, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन का मानना है कि रात्रि चौपालों के माध्यम से न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति भी सामने आएगी। इससे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।