साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। ताजा मामला बारादरी थाना क्षेत्र का है, जहां साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते को निशाना बनाते हुए कुछ ही समय में 3.65 लाख रुपये पार कर दिए। खाते से लगातार छह ट्रांजेक्शन होने के बाद जब पीड़ित को इसकी जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। मामले में एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बारादरी थाना क्षेत्र के जोगीनवादा निवासी सत्यपाल गंगवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की श्यामगंज शाखा में संचालित है। आरोप है कि 30 मई को अज्ञात साइबर ठगों ने किसी तरह बैंक खाते तक पहुंच बनाकर छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 3 लाख 65 हजार रुपये निकाल लिए।
पीड़ित के मुताबिक खाते से रकम निकलने की जानकारी उन्हें बाद में हुई। मोबाइल पर लेनदेन की सूचना और बैंक खाते की जांच करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। खाते से बड़ी रकम गायब देख परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और बैंक अधिकारियों को भी सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब ट्रांजेक्शन की पूरी डिटेल खंगाल रही है और रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई, इसकी पड़ताल की जा रही है।
जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के इस मामले में सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड और एटीएम संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
बरेली में सामने आया यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।