रक्तदान में सराहनीय योगदान के लिए संत निरंकारी मिशन की मथुरा ब्रांच को जिला अस्पताल में सम्मानित किया गया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के मार्गदर्शन में संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेान द्वारा हर वर्ष 5 सौ से ज्यादा रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें स्वयंसेवक निरंकारी भक्त उत्साहपूर्वक मानवहित में स्वेच्छा से रक्तदान कर परोपकार की भावना को उजागर करते हैं। इसी कड़ी में मथुरा में भी निरंतर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं।
विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को मथुरा के महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय मथुरा के राजकीय ब्लडबैंक में, रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर एसएनसीएफ संत निरंकारी मिशन की मथुरा ब्रांच को ब्लडबैंक प्रभारी डॉ.रितु रंजन ने स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे संत निरंकारी सेवादल के संचालक श्री अशोक दयालु जी तथा मीडिया सहायक किशोर स्वर्ण ने प्राप्त किया।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ.रितु रंजन ने इस मौके पर संत निरंकारी मिशन के सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, इस पुनीत कार्य में निरंकारी भक्त निस्वार्थ समर्पित भाव के साथ सदैव अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर परामर्शदाता शुशीला शर्मा तथा ब्लड बैंक की टीम का विशेष सहयोग रहा।
मथुरा के जोनल इंचार्ज श्री एच के अरोड़ा जी ने बताया कि निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी के संदेश ‘रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहे" को चरितार्थ करते हुए 1986 से अब तक 15 लाख 30 हजार से ज्यादा निरंकारी भक्त रक्तदान कर चुके है।