नगर के वरिष्ठ पत्रकार, अधिवक्ता और कवि अरुण अनु का रविवार सुबह निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से पत्रकारिता, विधि जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वह लंबे समय तक अपनी निर्भीक, निष्पक्ष और परिपक्व पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते रहे।
अरुण अनु ने अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में आज, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और कल्पतरु एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में सेवाएं दीं। इसके अलावा मथुरा में केबल टीवी के दौर में ‘मिली विजन’ के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले अग्रणी पत्रकारों में भी उनका नाम शामिल रहा। वे एक संवेदनशील कवि के रूप में भी साहित्यिक मंचों पर अपनी अलग पहचान रखते थे।
मूल रूप से यमुना पार स्थित लोहवन गांव के निवासी अरुण अनु इन दिनों औरंगाबाद में किराये के मकान में रह रहे थे। उनकी पत्नी अपने मायके कोलकाता गई हुई थीं। रविवार सुबह पूजा के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े। मकान मालिक उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, अधिवक्ताओं, साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार रविवार रात आठ बजे यमुना पार श्मशान घाट पर किया जाएगा।
लोहवन स्थित उनके पैतृक आवास पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सिंह चकलेश्वर, जिला कांग्रेस प्रवक्ता उमाशंकर शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता निलेश जागरण, ठाकुर सुरेश सिंह धनगांव, पत्रकार विवेक मथुरिया सहित अनेक लोगों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।