मथुरा मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. पूजा गुप्ता ने मंगलवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में लगा आरओ प्लांट खराब मिला, जबकि दो कूलर और कई पंखे बंद पाए गए। इस पर सीडीओ ने अधिकारियों को तत्काल सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास कुमार, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार दीक्षित तथा प्रभारी अधीक्षक प्रभाकर सिंह मौजूद रहे।
प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में संप्रेक्षण गृह में कुल 34 किशोर संरक्षित हैं। इनमें 20 किशोर मथुरा और 14 किशोर हाथरस जनपद के हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में अधीक्षक का पद अभी भी रिक्त है। स्टाफ व्यवस्था के तहत 24 होमगार्ड तीन पालियों में सुरक्षा ड्यूटी कर रहे हैं। इसके अलावा तीन केयरटेकर और तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं, जिनकी शिफ्टवार ड्यूटी निर्धारित की गई है।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने देखा कि परिसर में स्थापित आरओ प्लांट बंद पड़ा है। उन्होंने प्रभारी अधीक्षक और जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि आरओ प्लांट की तत्काल मरम्मत कराकर उसे चालू किया जाए और उसके संचालन के फोटो उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा परिसर में रखे दो कूलर और कई पंखे भी खराब मिले। सीडीओ ने निर्देश दिए कि सभी उपकरणों को शीघ्र चालू कराया जाए ताकि गर्मी के मौसम में किशोरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दिया जा रहा मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने किशोरों के कौशल विकास कार्यक्रमों का भी जायजा लिया। उन्हें बताया गया कि संप्रेक्षण गृह में किशोरों को मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कक्ष में आवश्यक उपकरण उपलब्ध पाए गए, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
स्वच्छता, स्वास्थ्य और अनुशासन के निर्देश
निरीक्षण के अंत में सीडीओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि परिसर में किसी भी प्रकार के धूम्रपान या नशे का प्रयोग न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि सभी किशोरों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन, शुद्ध पेयजल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही समय-समय पर चिकित्सकों से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए और परिसर में नियमित विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए।