सीबीगंज स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज (शराब फैक्ट्री) में मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए फैक्ट्री प्रबंधन के चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के बेटे की तहरीर पर फैक्ट्री के प्रबंधक, एचआर मैनेजर, सुपरवाइजर और लोडर चालक को नामजद किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि गत मंगलवार को फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर सत्यपाल सागर पुत्र रामलाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने फैक्ट्री गेट पर शव रखकर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौते के प्रयास हुए, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने एक लाख रुपये नकद और मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे परिजनों ने ठुकरा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक के बेटे गौतम कुमार ने थाना प्रभारी विनोद सिंह को दी तहरीर में बताया कि उसके पिता कई महीनों से फैक्ट्री के बॉयलर में भूसी डालने का काम कर रहे थे। आरोप है कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 2:58 बजे फैक्ट्री से फोन कर उनके पिता की मौत की सूचना दी गई। जब वह फैक्ट्री पहुंचा तो एचआर मैनेजर दिनेश मिश्रा ने बताया कि उसके पिता भूसी के टैंक में गिर गए थे।
गौतम का आरोप है कि जब उसने घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की तो उसे मना कर दिया गया और मुकदमा न लिखाने के बदले एक लाख रुपये तथा आजीवन पेंशन का प्रस्ताव दिया गया।
गौतम ने आरोप लगाया कि उसके पिता की दुर्घटना नहीं, बल्कि षड्यंत्र के तहत हत्या की गई है। तहरीर के आधार पर सीबीगंज पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधक, एचआर मैनेजर दिनेश मिश्रा, सुपरवाइजर और लोडर चालक के खिलाफ हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।