पत्नी को बचाने के प्रयास में पति खुद भी आया ट्रेन की चपेट में; दवा लेने जा रहे थे मथुरा
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
कस्बा गंजडुंडवारा के एटा रोड रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। रेलवे फाटक बंद होने के बावजूद उसके नीचे से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास कर रहे दंपती कासगंज की ओर से आ रही तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में 70 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव निबऊ निवासी स्नेहलता (70) पत्नी रामवीर सिंह मंगलवार सुबह अपने पति रामवीर सिंह और देवर उमेश सिंह के साथ दवा लेने के लिए मथुरा जा रही थीं। तीनों गंजडुंडवारा के एटा रोड रेलवे फाटक के पास पहुंचे थे। इसी दौरान रेलवे फाटक बंद था। ट्रेन आने की आवाज सुनाई देने के बावजूद दंपती ने फाटक के नीचे से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करने का प्रयास किया।
इसी बीच कासगंज की ओर से तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से स्नेहलता गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वही पत्नी को बचाने के प्रयास में रामवीर सिंह भी ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल रामवीर सिंह को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे की सूचना गांव में पहुंचते ही स्नेहलता के परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि दवा लेने के लिए मथुरा जा रहे परिवार के साथ रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
रेलवे फाटक पर हुए इस हादसे के बाद एक बार फिर बंद फाटक के नीचे से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करने की लापरवाही सामने आई है। रेलवे और पुलिस की ओर से लगातार लोगों को बंद फाटक के नीचे से रेलवे ट्रैक पार नहीं करने की हिदायत दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद लोग जल्दबाजी में अपनी जान जोखिम में डालते हैं। मंगलवार को हुई घटना में भी इसी तरह की जल्दबाजी एक परिवार पर भारी पड़ गई।