एनसीईआरटी किताबें लागू कराने, ड्रेस बदलने पर रोक और डोनेशन बंद कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
निजी स्कूलों में कथित मनमानी और अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ के खिलाफ समाजसेवी हरवीर सिंह भारतीय का कासगंज के अंबेडकर पार्क में चल रहा सत्याग्रह मंगलवार को दसवें दिन भी जारी रहा। इसी बीच नगर पालिका परिषद की ओर से धरना स्थल खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद हरवीर भारतीय ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर आरोप लगाया कि उनके सत्याग्रह को खत्म करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही कहा कि दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के लिए पूरा पार्क खाली कराने की जरूरत नहीं है, इसके पीछे शिक्षा के मुद्दे को खत्म करने का उद्देश्य नजर आ रहा है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी की ओर से 15 सितंबर को जारी नोटिस में अंबेडकर पार्क, सोरों गेट पर चल रहे धरने को समाप्त कर स्थल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में 17 सितंबर को ‘सेवा सप्ताह अभियान-2026’ के तहत अंबेडकर पार्क में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम प्रस्तावित होने का हवाला दिया गया है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को देखते हुए पार्क को पूर्ण रूप से खाली एवं व्यवस्थित रखने की आवश्यकता बताई गई है। नोटिस में एक दिन के भीतर धरना स्थल पर रखा सामान और अन्य सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में स्थल खाली नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
नोटिस मिलने के बाद हरवीर भारतीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “जैसी हमें कल आशंका थी, हमारे सत्याग्रह को कुचलने की तैयारी शुरू की जा रही है।” उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि उनके बच्चों की शिक्षा जरूरी है या दीप प्रज्ज्वलन। उनका कहना है कि दीप प्रज्ज्वलन के लिए पूरा पार्क खाली कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनके अनुसार इसका उद्देश्य शिक्षा के मुद्दे को खत्म करना है।
उन्होंने पोस्ट में कहा कि वह अंत तक शिक्षा के लिए लड़ेंगे और अब जनता को तय करना होगा। हरवीर भारती ने लिखा कि “बाबा साहब के पार्क से हमें कोई नहीं निकाल सकता, हम बाबा साहब के चरणों में बैठे हैं और बैठे रहेंगे।” पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय भीम, जय संविधान’ और ‘शिक्षा को लूट से मुक्त करो’ का संदेश भी दिया।
रविवार को रोका गया था पैदल मार्च
इससे पहले रविवार को हरवीर भारती ने विद्यार्थियों और समर्थकों के साथ अंबेडकर पार्क से नगरी गेट स्थित गांधी प्रतिमा तक पैदल मार्च निकालने का प्रयास किया था। दोपहर करीब एक बजे मार्च शुरू करने की तैयारी के दौरान पुलिस ने पार्क के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई, लेकिन मार्च को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिली। पुलिस के अनुसार मार्च के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए मार्च रोका गया था। मौके पर पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे और ड्रोन कैमरे से निगरानी भी की गई।
मार्च रोके जाने के बाद भी हरवीर भारती ने सत्याग्रह जारी रखा। उनका कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में है।
तीन मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन
हरवीर भारती निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू कराने, हर साल ड्रेस बदलने पर रोक लगाने और डोनेशन के नाम पर अभिभावकों से वसूली बंद कराने की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि निजी स्कूलों में विभिन्न मदों के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
हरवीर भारतीय का कहना है कि पहले पैदल मार्च रोका गया और अब धरना स्थल खाली करने का नोटिस दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से आंदोलन समाप्त कराने के बजाय शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
वहीं, नगर पालिका की ओर से धरना स्थल खाली कराने के लिए 17 सितंबर को प्रस्तावित दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का हवाला दिया गया है। अब नोटिस की समय सीमा और आंदोलनकारी के रुख के बाद प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।