नगर पालिका परिसर के प्राचीन मंदिर में घटना से श्रद्धालुओं में था आक्रोश, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की थी जांच; आरोपी पेंटर का चालान
जागरण टुडे, कासगंज(उदित विजयवर्गीय)
नगर पालिका परिसर कासगंज स्थित प्राचीन मंदिर में मंगलवार सुबह भगवान के चित्रों पर कालिख पोते जाने की जानकारी से हड़कंप मच गया था। मंदिर में भगवान की तस्वीरों पर काला रंग पुता देखकर श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। श्रद्धालुओं ने तत्काल भगवान के चित्रों की सफाई कराई और घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी।
जिसके बाद पुलिस जांच में घटना के पीछे पेंटिंग के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया। पुलिस के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष के कहने पर जन्माष्टमी से पहले नगर पालिका परिसर स्थित मंदिर में रंगाई-पुताई का काम कराया गया था। यह काम नपाई के आधार पर मोहल्ला नाथूराम निवासी सुनील कुमार गुप्ता ने ततारपुर कॉलोनी निवासी करीब 43 वर्षीय पेंटर मुकेश पुत्र महेंद्र पाल से कराया था। पेंटर ने एक से चार सितंबर तक मंदिर में पेंटिंग का काम किया।
पुलिस के मुताबिक पेंटिंग के काम का कुल भुगतान 14 हजार रुपये तय हुआ था। पेंटर को दो हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। इसके बाद सात सितंबर को पांच हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इस तरह सात हजार रुपये का भुगतान शेष रह गया था। पुलिस का कहना है कि पेंटर लगातार बकाया रकम की मांग कर रहा था, लेकिन भुगतान नहीं होने से वह नाराज था।
आरोप है कि बकाया रकम को लेकर हुए विवाद से क्षुब्ध होकर पेंटर मुकेश ने मंदिर में बने भगवान के चित्रों पर काले रंग से कालिख पोत दी। सुबह जब श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल चित्रों की सफाई कराई। घटना को लेकर नगर पालिका के सभासदों ने भी नाराजगी जताई और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर तथा आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। पुलिस जांच के बाद आरोपी पेंटर मुकेश के चालान की कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद मंदिर में भगवान के चित्रों की पेंटिंग को दोबारा ठीक कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पेंटिंग के बकाया भुगतान को लेकर विवाद की बात सामने आई है और प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
सात हजार रह गए थे बकाया
पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार मंदिर की पेंटिंग का काम 14 हजार रुपये में तय हुआ था। दो हजार रुपये अग्रिम और पांच हजार रुपये बाद में दिए गए। सात हजार रुपये बकाया रह गए थे। इसी रकम के भुगतान को लेकर पेंटर और संबंधित पक्ष के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद मंदिर में भगवान के चित्रों पर काला रंग पोते जाने की घटना सामने आई।