सोरों, अंकित पंडित। क्षेत्र में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से पिछले 24 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान और बाजरा की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों में झुककर जमीन पर बिछ गई हैं, जबकि बारिश से पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल को भी नुकसान की आशंका है।
किसान अतिराज सिंह और रामनिवास ने बताया कि धान की फसल कई स्थानों पर पकने की अवस्था में है। ऐसे में 24 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और फसल गिरने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। वहीं तेज हवाओं की चपेट में आने से बाजरा की खड़ी फसल भी कई स्थानों पर जमीन पर गिर गई है। इससे किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है।
किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसलों की कटाई में देरी हो सकती है। खेतों में पानी भरने से तैयार फसल के खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है। लगातार बारिश और तेज हवाओं से खेती में हुए नुकसान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को गांवों में भेजकर खेतों का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सर्वे कराकर वास्तविक फसल क्षति का आकलन कराया जाए और नियमानुसार पात्र किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे बारिश और तेज हवाओं से हुए नुकसान की भरपाई में उन्हें राहत मिल सके।